नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) ने सोमवार को एक नया इतिहास रच दिया। लंबे इंतजार के बाद एयरपोर्ट से पहली बार कमर्शियल उड़ानों का संचालन शुरू हो गया। इस अवसर को खास बनाते हुए केंद्र सरकार ने उन किसानों को सम्मानित किया, जिनकी जमीन पर यह महत्वाकांक्षी परियोजना साकार हुई।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने एयरपोर्ट परिसर में किसानों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। सरकार की ओर से 170 किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को पहली कमर्शियल उड़ान से लखनऊ भेजा गया। इस दल में 20 महिला किसान भी शामिल रहीं।
लखनऊ पहुंचने पर किसानों की मुलाकात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रस्तावित है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री को एयरपोर्ट परियोजना और क्षेत्रीय विकास के लिए धन्यवाद देगा।
एयरपोर्ट से सोमवार को लखनऊ और बेंगलुरु समेत चार प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू हुईं। इंडिगो की पहली उड़ान लखनऊ से जेवर पहुंची और इसके बाद बेंगलुरु के लिए रवाना हुई।
सरकार के अनुसार, एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। फिलहाल इसकी सालाना यात्री क्षमता 1.2 करोड़ रखी गई है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।
3,900 मीटर लंबे रनवे, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट 24 घंटे संचालन में सक्षम है। माना जा रहा है कि इसके शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के हवाई यातायात का दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट देश के सबसे महत्वपूर्ण एविएशन हब्स में शामिल हो सकता है।





