महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर संभावित दलबदल को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के पाला बदलने की अटकलों के बीच पार्टी नेता और सांसद संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि विपक्षी खेमे की ओर से सांसदों को अपने साथ लाने के लिए भारी रकम का लालच दिया जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में इन दिनों कथित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर खूब चर्चा हो रही है। सूत्रों के हवाले से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना (UBT) के 9 में से 7 सांसद एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं और संसद के आगामी सत्र से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।
हालांकि, संजय राउत ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सभी सांसदों ने उद्धव ठाकरे के साथ बैठक की थी और उनके नेतृत्व में पूरा विश्वास जताया था। राउत के मुताबिक पार्टी पूरी तरह एकजुट है और दलबदल की खबरें केवल अफवाह हैं।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी कथित खरीद-फरोख्त की चर्चाओं पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। उनकी टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
दूसरी ओर, शिंदे गुट की नेता शाइना एनसी ने किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कोशिशों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का किसी अन्य दल के सांसदों को तोड़ने में कोई रुचि नहीं है। हालांकि, शिंदे गुट के कुछ नेताओं के बयान इस चर्चा को लगातार हवा दे रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला था, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के बाद शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी। अब सांसदों को लेकर शुरू हुई नई राजनीतिक हलचल ने राज्य की राजनीति का तापमान एक बार फिर बढ़ा दिया है।




