हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के. तारक रामा राव (KTR) ने सूबे के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला बोला है। केटीआर ने सीएम रेवंत रेड्डी को विधानसभा भंग कर नए सिरे से चुनाव (Fresh Polls) का सामना करने की खुली चुनौती दी है।
इतना ही नहीं, बीआरएस नेता ने दावा किया कि अगर आज चुनाव होते हैं, तो उनकी पार्टी 78 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल कर दोबारा सत्ता में लौटेगी।
” मुख्यमंत्री दिमाग से छोटे हैं” — KTR का तीखा तंज
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की प्रशासनिक क्षमता और बयानों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:
“मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अपनी लंबाई में तो ठीक हैं, लेकिन दिमाग से बहुत छोटे (Short by his brain) हैं। उन्हें शासन चलाने का कोई विजन नहीं है, वे सिर्फ राजनीति करना जानते हैं।”
बीआरएस को मिलेगी 78 सीटें, सरकार का काउंटडाउन शुरू
केटीआर ने आंतरिक सर्वे और राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार पर बड़ा दावा ठोका। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:
- नए चुनाव की चुनौती: केटीआर ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर इतना ही भरोसा है, तो वे इस्तीफा दें और राज्य में दोबारा चुनाव करवाएं।
- बहुमत का दावा: उन्होंने दावा किया कि जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों और झूठे वादों से तंग आ चुकी है। अगर आज चुनाव हुए, तो बीआरएस आसानी से 78 विधानसभा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी।
- विधायकों के दलबदल पर घेरा: उन्होंने कांग्रेस द्वारा बीआरएस विधायकों को तोड़े जाने की राजनीति की भी कड़ी निंदा की और इसे लोकतंत्र का अपमान बताया।
क्यों गरमाई है तेलंगाना की राजनीति?
दरअसल, पिछले कुछ महीनों से तेलंगाना में कांग्रेस और बीआरएस के बीच ‘वार ऑफ वर्ड्स’ जारी है।
कर्ज माफी, विकास कार्य, और विपक्षी विधायकों के पाला बदलने को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं। केटीआर के इस ताजा और आक्रामक बयान ने राज्य के सियासी पारे को और बढ़ा दिया है, जिससे कांग्रेस खेमे में भी हलचल तेज हो गई है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi





