बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षा विभाग में फर्जी मेडिकल रीइंबर्समेंट के जरिए सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर खुद, अपनी पत्नी और अपने साले के नाम पर फर्जी मेडिकल बिल लगाकर सरकारी राशि प्राप्त करने का आरोप है।
विभागीय जांच में हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग को मेडिकल प्रतिपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी शिक्षक साधेलाल पटेल ने फर्जी मेडिकल रीइंबर्समेंट बिल प्रस्तुत कर कई बार सरकारी राशि का भुगतान प्राप्त किया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने केवल अपने नाम पर ही नहीं, बल्कि अपनी पत्नी और साले के नाम पर भी फर्जी मेडिकल बिल तैयार कराकर प्रतिपूर्ति का लाभ लिया।
8 से 9 फर्जी बिल लगाने का आरोप
सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस गगन कुमार के अनुसार, विभागीय जांच में आरोपी द्वारा 8 से 9 फर्जी मेडिकल रीइंबर्समेंट बिल प्रस्तुत कर अवैध भुगतान लेने की पुष्टि हुई है। इसके बाद शिक्षा विभाग की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच
पुलिस अब पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं। साथ ही, सरकारी खजाने को हुए वास्तविक वित्तीय नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आवश्यकता अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



