गरियाबंद:
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस ने विशेष सत्यापन अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में जिलेभर में अवैध प्रवासियों, बाहरी फेरीवालों और किरायेदारों के सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना देवभोग पुलिस ने अपने क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया।
पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों से आए लोगों का सत्यापन
अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल एवं अन्य राज्यों से आए फेरीवालों और किरायेदारों का सघन सत्यापन किया गया। पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के आधार कार्ड का एम-आधार ऐप के माध्यम से सत्यापन किया और उनके दस्तावेजों की गहन जांच की।
मोबाइल कॉल और व्हाट्सएप हिस्ट्री की भी जांच
पुलिस ने सत्यापन के दौरान संबंधित व्यक्तियों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप कॉल हिस्ट्री की भी जांच की। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि उनका किसी संदिग्ध या अंतरराष्ट्रीय नंबर से संपर्क तो नहीं है। जांच के बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों का थाना स्तर पर मिलान किया गया।
नेफिस प्रणाली में दर्ज किए गए बायोमेट्रिक विवरण
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों की बायोमेट्रिक जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण नेफिस (NAFIS) प्रणाली में दर्ज किए गए, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उनकी पहचान और रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सके।
पुलिस की नागरिकों से अपील
गरियाबंद पुलिस ने आम नागरिकों, मकान मालिकों और ग्रामवासियों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई बाहरी व्यक्ति, किरायेदार या फेरीवाला निवास या कार्य कर रहा है, तो उसका सत्यापन नजदीकी थाना में अवश्य कराएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दें।
पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।



