कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के सरोना वन परिक्षेत्र अंतर्गत साईं मुंडा गांव में बुधवार सुबह एक तेंदुए के खुले कुएं में गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। जैसे ही ग्रामीणों ने कुएं के भीतर तेंदुए को देखा, उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए, जिसके चलते प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम करने पड़े।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेंदुआ देर रात भोजन और पानी की तलाश में जंगल से निकलकर गांव की ओर पहुंचा था। इसी दौरान अंधेरे में खुले कुएं का अंदाजा नहीं लगने के कारण वह उसमें गिर गया। बताया जा रहा है कि कुआं काफी गहरा है, जिससे तेंदुआ स्वयं बाहर नहीं निकल सका। सुबह ग्रामीणों ने कुएं से आवाजें सुनने के बाद अंदर झांककर देखा तो तेंदुआ दिखाई दिया। इसके बाद पूरे गांव में खबर फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू टीम को सक्रिय किया। विशेषज्ञों की निगरानी में तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना पर काम किया जा रहा है। रेस्क्यू अभियान के दौरान तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि उसे किसी प्रकार की चोट न पहुंचे और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा जा सके। आवश्यकता पड़ने पर बेहोशी की दवा (ट्रैंक्विलाइज़र) और अन्य तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया जा सकता है।
घटना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। पुलिस और वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को कुएं से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ बढ़ने या शोर-शराबा होने से तेंदुआ तनावग्रस्त हो सकता है, जिससे रेस्क्यू अभियान प्रभावित होने की आशंका रहती है।
वन विभाग के अनुसार, मानसून के दौरान जंगलों में प्राकृतिक परिस्थितियों में बदलाव और भोजन-पानी की तलाश के कारण वन्यजीव अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी जाती है।
फिलहाल वन विभाग का रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि सभी आवश्यक सावधानियों के साथ तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। पूरे घटनाक्रम पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की नजर बनी हुई है।



