छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत ग्राम घिरघोली में पंचायत द्वारा लाखों रुपये की लागत से निर्मित व्यावसायिक परिसर पिछले 10 से 15 वर्षों से उपयोग का इंतजार कर रहा है। रोजगार के अवसर बढ़ाने और पंचायत की आय में वृद्धि के उद्देश्य से बनाए गए इस परिसर का आज तक न तो दुकानों का आवंटन किया गया और न ही नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई।
पांच दुकानों वाले इस व्यावसायिक परिसर के लंबे समय तक बंद रहने के कारण भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। परिसर में धूल, गंदगी और झाड़ियां फैल गई हैं, जबकि दीवारों और अन्य हिस्सों में भी जर्जर होने के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं। उपयोग नहीं होने से लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस परिसर को शुरू नहीं किया गया तो सरकार की यह महत्वपूर्ण संपत्ति पूरी तरह अनुपयोगी हो सकती है। उनका मानना है कि दुकानों का आवंटन होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, गांव में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पंचायत को नियमित राजस्व की प्राप्ति भी होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि व्यावसायिक परिसर का जल्द निरीक्षण कर दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि वर्षों से बंद पड़ी इस सरकारी संपत्ति का उपयोग जनहित में किया जा सके।



