रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मौदहापारा इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां अवैध सूदखोरों की प्रताड़ना और झाड़-फूंक के नाम पर लाखों रुपये की ठगी से तंग आकर 35 वर्षीया महिला रजिया बेगम ने रविवार सुबह जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। महिला को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस को घटनास्थल से 2 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें महिला ने अपना दर्द बयां किया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
25 हजार रुपये ब्याज के लिए मिली धमकी
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11 बजे महिला के पास आमीन नाम के व्यक्ति का फोन आया था। उसने तत्काल 25,000 रुपये ब्याज की मांग करते हुए पैसे न देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। इस धमकी से बेहद तनाव में आई महिला ने कमरे का दरवाजा बंद कर जहर गटक लिया।
7 साल से चुका रही थी कर्ज, फिर भी बढ़ता रहा ब्याज
जांच में खुलासा हुआ है कि मौदहापारा क्षेत्र में 5 से 6 महिलाओं का एक गिरोह बेखौफ होकर अवैध सूदखोरी का धंधा चला रहा है। यह सिंडिकेट बिना किसी लाइसेंस के मजबूरी का फायदा उठाकर 10 से 15 प्रतिशत के भारी ब्याज दर पर कर्ज बांटता है। महिला पिछले 7 सालों से किस्तों में रकम चुका रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसका ब्याज और मूलधन कम होने के बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा था। वसूली के लिए गिरोह के तीन दबंग युवक घर-घर जाकर लोगों को डराते-धमकाते थे।
तंत्र-मंत्र के नाम पर 7 तोले सोना और 3 लाख की ठगी
मामले में अंधविश्वास के नाम पर ठगी का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। यह महिला सिंडिकेट पीड़ित परिवारों को अपनी पहचान के एक ‘पीर बाबा’ के पास भेजता था। रजिया बेगम भी इनके बहकावे में आ गई और अपनी पारिवारिक परेशानियां दूर करने के लिए उसने बाबा को 7 तोले सोने के जेवर और 3 लाख रुपये नकद दे दिए थे। काम पूरा होने के बाद जेवर व पैसे लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन मांगने पर उल्टा धमकियां दी जाने लगीं।
पुलिस जांच जारी
रायपुर पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर अवैध सूदखोरी, रंगदारी और तंत्र-मंत्र के नाम पर हुई इस बड़ी ठगी की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



