कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी सियासी हलचल के बीच भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता केया घोष ने दावा किया कि यदि टीएमसी में विभाजन की स्थिति बनती है, तो पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर अंतिम फैसला भारत निर्वाचन आयोग करेगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान केया घोष ने कहा कि चुनाव से पहले टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की थी और उनके खिलाफ संसद में महाभियोग लाने की पहल भी की थी। उन्होंने कहा, “अब सवाल यह है कि पार्टी का चुनाव चिन्ह किस गुट को मिलेगा और इसका फैसला वही ज्ञानेश कुमार करेंगे, जिन्हें हटाने की मांग टीएमसी कर रही थी।”
भाजपा नेता ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कथित तौर पर फंड और संसाधनों को लेकर संघर्ष चल रहा है। उनके अनुसार, यदि पार्टी में विभाजन होता है तो चुनाव चिन्ह और पार्टी फंड से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार निर्वाचन आयोग के पास होगा।
इस बीच, टीएमसी के बागी गुट का एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से मुलाकात करने वाला है। बताया जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल पार्टी के चुनाव चिन्ह और अन्य संगठनात्मक मुद्दों को लेकर आयोग के सामने अपना पक्ष रखेगा।
हालांकि, भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर टीएमसी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया और दोनों पक्षों के रुख पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।




