तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार को विधानसभा में पेश किए गए राज्य बजट को दूरदर्शी और भविष्य की जरूरतों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर राज्य की बदलती सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य की मौजूदा ताकतों, चुनौतियों और संभावनाओं का व्यापक अध्ययन करने के बाद यह वित्तीय खाका तैयार किया है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच नीतियों में भी बदलाव आवश्यक हो गया है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में घटती युवा आबादी और बढ़ती वृद्ध जनसंख्या को सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि केरल लंबे समय तक अपने युवा मानव संसाधन के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों के कारण नई रणनीतियों की आवश्यकता है।
युवाओं के बड़े पैमाने पर राज्य से बाहर जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए सतीशन ने शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के विकास के माध्यम से राज्य में बेहतर रोजगार अवसर सृजित किए जाएंगे, ताकि प्रतिभाशाली युवाओं को यहीं अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी बदलावों और रोजगार के नए स्वरूप को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों का अध्ययन करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नीतियां तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में प्रस्तावित कदम राज्य में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। सरकार का उद्देश्य धन के प्रवाह को तेज कर आर्थिक विकास को गति देना और केरल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में केरल के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा तय करने वाला रोडमैप है।





