रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक मामले की जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र के बाद अब बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय का पेपर भी परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचने का मामला सामने आया है। मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 हजार रुपये में पेपर देने का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया पर आरोप है कि उन्होंने प्लांट पैथोलॉजी का प्रश्नपत्र दो छात्रों को उपलब्ध कराया। इसके बदले कथित तौर पर 10 हजार रुपये लिए गए।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र केवल इन छात्रों तक सीमित रहा या इसे आगे अन्य विद्यार्थियों के साथ भी साझा किया गया। लेनदेन और प्रश्नपत्र के बाहर पहुंचने के पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
अब तक छह आरोपी गिरफ्तार
पेपर लीक मामले में पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें एक प्रोफेसर समेत छात्र शामिल हैं। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, आपसी संपर्क और कथित आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय से बाहर किस स्तर पर पहुंचा और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं।
दो परीक्षाएं निरस्त, सितंबर में दोबारा होगी परीक्षा
लगातार दो विषयों के पेपर लीक होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एंटोमोलॉजी और प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। दोनों विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, दोनों विषयों की पुनः परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। नई तारीख और समय की आधिकारिक सूचना विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को जारी की जाएगी।
परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एक के बाद एक दो प्रश्नपत्र लीक होने से विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, पेपर दोबारा होने से उन विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, जिन्होंने निर्धारित तारीख पर परीक्षा दी थी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। प्रश्नपत्र कितने छात्रों तक पहुंचा, कितने रुपये का लेनदेन हुआ और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।



