कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह एनकाउंटर “सिर्फ एक दिखावा” था और इसका मकसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कथित “आंतरिक राज़” छिपाना था।
कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर में मारे गए आरोपी के भाजपा से संबंध थे और मामले से जुड़े कुछ अहम तथ्यों को सामने आने से रोकने के लिए पूरी कार्रवाई को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया जा रहा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने और फायरिंग करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हुआ, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि मारा गया आरोपी बारुईपुर में नाबालिग से कथित गैंगरेप और हत्या के मामले का मुख्य अभियुक्त था। वहीं, विपक्ष पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है, जिससे यह मामला अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन गया है।
बारुईपुर एनकाउंटर को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं और क्या इस विवाद पर कोई नया खुलासा सामने आता है।




