हैदराबाद, 15 जून। तेलंगाना में हैदराबाद मेट्रो के दूसरे चरण के विस्तार को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने आरोप लगाया है कि परियोजना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं में देरी के कारण इसके कार्यान्वयन पर असर पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि मेट्रो विस्तार परियोजना शहर की बढ़ती परिवहन जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि परियोजना के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और विभिन्न औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है। उनके अनुसार, समय बीतने के साथ परियोजना की अनुमानित लागत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राज्य सरकार का कहना है कि पूर्व में जुड़े निजी भागीदार के पीछे हटने के बाद परियोजना को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्थाओं पर भी काम किया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि विदेशी वित्तीय सहायता से जुड़े आवश्यक कदम पूरे किए जा चुके हैं, जिससे कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, उनका आरोप है कि मंजूरी और धनराशि हस्तांतरण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही है।
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री और सिकंदराबाद सांसद G. Kishan Reddy की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को राजनीतिक विवाद से दूर रखा जाना चाहिए।
राज्य सरकार ने केंद्र से परियोजना में अपनी भूमिका को लेकर स्पष्ट रुख बताने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यदि आवश्यक अनुमतियां मिल जाती हैं, तो राज्य अपने स्तर पर भी परियोजना को आगे बढ़ाने के विकल्पों पर विचार करेगा। सरकार ने दोहराया कि मेट्रो विस्तार को पूरा करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।





