कोरबा। जिले में नामी ऑटोमोबाइल और लुब्रिकेंट कंपनियों के नाम पर कथित रूप से नकली उत्पादों की बिक्री का मामला सामने आया है। दीपका पुलिस ने बौद्धिक संपदा संरक्षण संस्था EIPR के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम तिवरता स्थित श्रद्धा फ्यूल्स में छापेमारी की। इस दौरान पेट्रोल पंप के पीछे बने स्टोर रूम से बड़ी मात्रा में संदिग्ध DEF (Diesel Exhaust Fluid) और लुब्रिकेंट उत्पाद बरामद किए गए। मामले में पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालक चैतन्य मनहर (19) को गिरफ्तार किया है।
192 DEF बकेट बरामद
पुलिस के अनुसार, श्रद्धा फ्यूल्स में टाटा मोटर्स और गल्फ ऑयल जैसी नामी कंपनियों के नाम से पैक किए गए संदिग्ध उत्पादों की बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर दीपका पुलिस की टीम ने कार्रवाई की।
उपनिरीक्षक प्रेमचंद साहू और उपनिरीक्षक ललित कुमार गावड़े के नेतृत्व में टीम ने पेट्रोल पंप के पीछे स्थित स्टोर रूम की तलाशी ली। तलाशी के दौरान टाटा मोटर्स के नाम से पैक 20-20 लीटर क्षमता वाले 192 सीलबंद DEF बकेट बरामद किए गए। पुलिस ने इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 2.67 लाख रुपये से अधिक बताई है।
इसके अलावा स्टोर रूम से गल्फ ऑयल के नाम से पैक किए गए अन्य लुब्रिकेंट उत्पाद भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने सभी संदिग्ध उत्पादों को जब्त कर लिया है और उनकी वास्तविकता की जांच कराई जा रही है।
पेट्रोल पंप संचालक गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने श्रद्धा फ्यूल्स के संचालक चैतन्य मनहर, पिता कुशल मनहर, निवासी तिवरता को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान कथित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अनूप गोयल का नाम सामने आया है। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने मामले में दीपका थाना में FIR क्रमांक 0356/2026, दिनांक 8 अगस्त 2026 दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 347 और 349 तथा कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 63 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
नकली DEF से वाहन को हो सकता है नुकसान
डीजल वाहनों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए DEF का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस के अनुसार, घटिया या नकली DEF और लुब्रिकेंट के इस्तेमाल से वाहन की तकनीकी प्रणाली और इंजन को नुकसान पहुंच सकता है। इससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान होने के साथ संबंधित कंपनियों के ब्रांड और प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ सकता है।
अन्य पेट्रोल पंपों पर भी हो सकती है जांच
पुलिस अब पूरे मामले की सप्लाई चेन खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार, कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिले के अन्य पेट्रोल पंपों और ऑटो पार्ट्स दुकानों पर भी औचक जांच की संभावना जताई जा रही है, ताकि नकली ऑटोमोबाइल उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



