जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के कोड़ेनार क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर ग्रामीणों ने बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीणों ने रेत से भरे 8 टिप्पर वाहनों को पकड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुम्हारसाडरा क्षेत्र से लंबे समय से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने खुद पकड़े 8 टिप्पर
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, 18 अगस्त की रात 7 टिप्पर पकड़े गए, जबकि 19 अगस्त की सुबह एक अन्य वाहन को भी ग्रामीणों ने रोक लिया। ग्रामीणों का दावा है कि इन वाहनों में कुम्हारसाडरा क्षेत्र से रेत भरकर परिवहन किया जा रहा था।
स्थानीय युवा रवि पोड़ियामी के मुताबिक, क्षेत्र में लंबे समय से रेत उत्खनन और परिवहन की गतिविधियां चल रही हैं। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर उन्होंने खुद वाहनों को पकड़ने का फैसला किया।
बारिश के मौसम में भी रेत परिवहन का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश के मौसम में रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक होने के बावजूद इलाके में कथित तौर पर भारी वाहनों के जरिए रेत का परिवहन जारी है। ग्रामीणों ने राजस्व और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि, अधिकारियों की ओर से फिलहाल अवैध रेत परिवहन या किसी तरह की सांठगांठ के आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। मामले में विभागीय जांच और कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
भारी वाहनों से सड़कें खराब होने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से गांव की सड़कें खराब हो रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, खराब सड़कों के कारण एम्बुलेंस की आवाजाही, स्कूली बच्चों के आने-जाने और पैदल आवागमन में दिक्कतें बढ़ गई हैं। मवेशियों को ले जाने में भी परेशानी होने की बात ग्रामीणों ने कही है।
खनिज और राजस्व विभाग से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से कुम्हारसाडरा क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की जांच कराने की मांग की है। साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराने की भी मांग उठाई गई है।



