राइरंगपुर (मयूरभंज): ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मयूरभंज जिले के राइरंगपुर (जो कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गृहनगर भी है) में आयोजित “विकास रा धारा, ओडिशा सारा” (पूरे ओडिशा में विकास की धारा) नामक एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम को संबोधित किया।
यह विशेष कार्यक्रम राज्य की भाजपा सरकार के कार्यकाल के सफल दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें विकास का एक नया रोडमैप राज्य की जनता के सामने रखा गया।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक खास बनाने के लिए स्वयं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की। ओडिशा के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार के वर्षगांठ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
₹47,600 करोड़ से अधिक की सौगात!
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा ओडिशा को 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विशाल विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई।
- ऊर्जा और उद्योग: झारसुगुड़ा के लखनपुर में ₹25,000 करोड़ के ‘भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड’ (BCGCL) परिसर की आधारशिला रखी गई। इसके साथ ही 600 मेगावाट की ‘अपर इंद्रावती पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट’ की शुरुआत हुई।
- कनेक्टिविटी: कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने वाली काठजोड़ी नदी पर नए पुल का शिलान्यास और एनएच-57 पर नयागढ़ बाईपास का उद्घाटन।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: बौद्ध जिले में 300 बिस्तरों वाले जिला मुख्यालय अस्पताल का उद्घाटन और राइरंगपुर में इग्नू (IGNOU) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना।
“हर वर्ग तक पहुंचेगा विकास” — मुख्यमंत्री माझी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा:
“हमारी सरकार ने पिछले दो वर्षों में केवल बातें नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम करके दिखाया है। सुभद्रा योजना से लेकर किसानों को ₹3,100 प्रति क्विंटल धान का एमएसपी देने तक, हमारी हर नीति गरीब, आदिवासी और किसानों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। ‘विकास रा धारा, ओडिशा सारा’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारा संकल्प है।”
सुदृढ़ शासन के दो साल पूरे
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि पिछले 24 वर्षों के एकछत्र शासन को बदलकर जनता ने जिस भरोसे के साथ भाजपा को सत्ता सौंपी थी, सरकार उस पर पूरी तरह खरी उतर रही है। ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में शिक्षा, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है





