नई दिल्ली: असम में हालिया बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर गुरुवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर राज्य में चल रहे राहत कार्यों और बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही। उन्होंने हाल ही में असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए रिजिजू का आभार भी व्यक्त किया।
बैठक के दौरान बाढ़ से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण, राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटाने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के जरिए राहत एवं पुनर्वास कार्यों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल के सप्ताहों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण असम के कई जिले गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि सड़क, पुल और अन्य सार्वजनिक ढांचों को भी व्यापक नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार ने पहले ही राज्य को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है और केंद्रीय मंत्रियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया था।
मुख्यमंत्री सरमा और केंद्रीय मंत्री रिजिजू की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के दीर्घकालिक पुनर्वास और पुनर्निर्माण की योजना पर तेजी से काम कर रही है। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता समयबद्ध तरीके से पहुंचे और पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों की सफलता के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार समन्वय आवश्यक है। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और क्षति की भरपाई के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।





