रायपुर, 15 जुलाई।
कोलंबिया के बुकारामांगा में 4 से 12 जुलाई 2026 के बीच आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO 2026) में भारतीय छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया।
भारतीय टीम के सभी पांच प्रतिभागियों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इसके साथ ही भारत ने ताइवान, दक्षिण कोरिया, रूस, कजाकिस्तान और चीन के साथ संयुक्त रूप से विश्व रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 87 देशों के 381 प्रतिभाशाली छात्रों ने हिस्सा लिया था। कड़े मुकाबले के बीच भारतीय टीम का शत-प्रतिशत स्वर्ण पदक जीतना देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
भारत के पांच स्वर्ण विजेता
इस ऐतिहासिक सफलता में कनिष्क जैन (पुणे), रिद्धेश अनंत बेंडले (इंदौर), ऋषित गर्ग (नई दिल्ली), श्रेष्ठ सुरैया (मुंबई) और स्वरित जोशी (अहमदाबाद) ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर क्षत्रिय करणी सेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि इन होनहार विद्यार्थियों ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया से मनवाया है।
उन्होंने कहा कि सभी पांच छात्रों का स्वर्ण पदक जीतना और भारत का विश्व में शीर्ष स्थान हासिल करना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता युवाओं को शिक्षा, अनुसंधान और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
आठ साल बाद दोहराया स्वर्णिम इतिहास
भारतीय टीम ने आठ वर्ष बाद एक बार फिर 2018 की ऐतिहासिक उपलब्धि को दोहराया है। इससे पहले वर्ष 2018 में पुर्तगाल के लिस्बन में आयोजित 49वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भी भारत ने सभी पांच स्वर्ण पदक जीतकर विश्व में पहला स्थान हासिल किया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि IPhO 2026 में मिली यह सफलता भारतीय छात्रों की वैज्ञानिक क्षमता, कठिन परिश्रम और देश की मजबूत शैक्षणिक तैयारी का प्रमाण है। यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती वैज्ञानिक पहचान को और मजबूत करेगी।





