बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जल्द ही हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल होने जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत शहर को मिलने वाली 50 एयर कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसों (E-Bus) के संचालन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इन बसों के शुरू होने से शहरवासियों को बेहतर, सुरक्षित और आरामदायक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
रूट तय करने में जनता की होगी भागीदारी
ई-बसों के संचालन के लिए जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने संभावित रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस बार बसों के रूट निर्धारण में आम लोगों की राय भी शामिल की जाएगी।
सोसायटी ने छात्रों, कर्मचारियों, श्रमिकों, व्यापारियों और नियमित यात्रियों से सुझाव मांगे हैं, ताकि ई-बसों का संचालन लोगों की जरूरतों के अनुसार किया जा सके। नागरिक अपने सुझाव ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं या नगर निगम कार्यालय स्थित विकास भवन में लिखित रूप से जमा कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय, उद्योग और व्यापारिक क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा
अधिकारियों के अनुसार, मिले सुझावों और तकनीकी सर्वे के आधार पर अंतिम रूट चार्ट तैयार किया जाएगा। ई-बसों के रूट तय करते समय विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, औद्योगिक क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों और आसपास के ग्रामीण इलाकों से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना और शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
कोनी बस डिपो में तैयार हो रहा चार्जिंग स्टेशन
- ई-बसों के संचालन के लिए कोनी स्थित बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच गया है।
- अधिकारियों का कहना है कि सभी तैयारियां पूरी होने के बाद जल्द ही बिलासपुर की सड़कों पर आधुनिक एसी ई-बसें दौड़ती नजर आएंगी।
प्रदूषण कम होगा, यात्रियों को मिलेगी सुविधा
ई-बस सेवा शुरू होने से शहर में प्रदूषण का स्तर कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और हजारों दैनिक यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।



