वॉशिंगटन। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta को अमेरिका में बड़ा कानूनी झटका लगा है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने युवाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में कंपनी पर 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹5,000 करोड़) का जुर्माना लगाया है। यह आदेश उस बहुचर्चित मुकदमे के दूसरे चरण में आया है, जिसमें Meta पहले ही जिम्मेदार ठहराई जा चुकी थी।
बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा मामला
मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा तथा उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कथित प्रभावों से जुड़ा है। अदालत ने माना कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर पर्याप्त कदम उठाने में विफल रही। इसी आधार पर कोर्ट ने भारी आर्थिक दंड लगाने का आदेश दिया।
पहले चरण में भी लगा था बड़ा जुर्माना
इस मामले के पहले चरण में जूरी ने Meta पर 375 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अलग जुर्माना लगाया था। जूरी ने अपने फैसले में कहा था कि कंपनी ने प्लेटफॉर्म से जुड़े संभावित खतरों की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए। दूसरे चरण में लगाया गया नया जुर्माना पहले से अलग है।
Meta पहले भी स्वीकार कर चुकी है चूक
हाल ही में Meta ने बच्चों से जुड़े कुछ संवेदनशील कंटेंट को लेकर अपनी प्रक्रियाओं में कमी स्वीकार की थी। इसी सप्ताह कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही थी।
कानूनी और वित्तीय दबाव बढ़ा
ताजा फैसले के बाद Meta पर कानूनी और वित्तीय दबाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर लापरवाही गंभीर कानूनी परिणाम ला सकती है। अब इस मामले में Meta की अगली कानूनी रणनीति और संभावित अपील पर सभी की नजरें टिकी हैं।



