तिरुवनंतपुरम: केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की मांग एक बार फिर सामने आई है। राज्य की 15वीं विधानसभा ने केंद्र सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का आग्रह किया है। इससे पहले भी इस मुद्दे पर विधानसभा प्रस्ताव पारित कर चुकी है।
दरअसल, केरल की तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने अगस्त 2023 में राज्य का नाम बदलने को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा गया, जहां गृह मंत्रालय ने इसमें कुछ तकनीकी बदलाव सुझाए।
इसके बाद केरल विधानसभा ने 14 जून 2024 को संशोधित प्रस्ताव दोबारा सर्वसम्मति से पारित किया। प्रस्ताव के जरिए केंद्र से राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने की मांग की गई।
‘केरलम’ नाम मलयालम भाषा में राज्य के पारंपरिक नाम के तौर पर इस्तेमाल होता है। विधानसभा का कहना है कि राज्य के आधिकारिक नाम को मलयालम में प्रचलित ‘केरलम’ के अनुरूप किया जाना चाहिए।
अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है। राज्य का नाम बदलने के लिए संविधान में निर्धारित प्रक्रिया के तहत संसद की मंजूरी आवश्यक होगी। केंद्र की ओर से इस प्रस्ताव पर आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।



