तिल्दा-नेवरा। जमीन खरीदी के नाम पर किसानों से कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। तिल्दा-नेवरा निवासी दास जी साहू ने मामले में तीन प्रमुख आरोपियों के खिलाफ CBI जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ और कलेक्टर रायपुर को आवेदन भेजकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता दास जी साहू का आरोप है कि संबंधित लोग किसानों से जमीन खरीदने के नाम पर संपर्क करते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि जमीन की रजिस्ट्री जल्द करा दी जाएगी। आरोप के मुताबिक, किसानों को यह बताया जाता है कि जमीन किसी बड़े अधिकारी के लिए खरीदी जा रही है। इसके बाद 15 से 20 दिन या अधिकतम एक महीने के भीतर रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया जाता है।
हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद कई मामलों में लंबे समय तक रजिस्ट्री नहीं कराई जाती। जब किसान संबंधित लोगों से संपर्क करने की कोशिश करते हैं तो कथित तौर पर वे उपलब्ध नहीं होते और कई बार घर पर भी नहीं मिलते। इससे किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रदेश के अन्य किसानों से भी धोखाधड़ी का दावा
दास जी साहू का कहना है कि यह मामला केवल एक किसान या एक घटना तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, प्रदेश के अन्य किसानों के साथ भी जमीन खरीदी के नाम पर इसी तरह की कथित धोखाधड़ी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने पूरे मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई है।
तीन आरोपियों समेत अन्य लोगों की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में तीनों आरोपियों के साथ-साथ कथित मिलीभगत में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
दास जी साहू ने केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए CBI या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने और किसानों को न्याय दिलाने की मांग की है।



