नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जल्द शांति समझौते की उम्मीदों को झटका लगने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयानों ने बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में Brent Crude करीब 2.1% बढ़कर 89.80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि WTI Crude में करीब 2.3% की तेजी आई और यह 84.38 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाद में दोनों बेंचमार्क ने कुछ बढ़त गंवाई, लेकिन बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम का दबाव बना रहा।
ट्रंप की हर्जाने की मांग से बढ़ी मुश्किल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी संभावित भविष्य की वार्ता में हर्जाने या मुआवजे (Compensation/Reparations) की मांग का संकेत दिया है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ईरान से पिछले कई दशकों में हुए नुकसान और हमलों से जुड़े मुआवजे की मांग करेगा।
ट्रंप का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान की ओर से भी होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए कई शर्तें रखी गई हैं। इससे दोनों पक्षों के बीच समझौते की राह और जटिल होती दिख रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही में बाधा आने की आशंका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
ट्रंप ने दावा किया है कि इस समय अमेरिकी नौसेना का जलडमरूमध्य पर प्रभावी नियंत्रण है और जहाजों की आवाजाही को नाकाबंदी के जरिए नियंत्रित किया जा रहा है। वहीं, ईरान की ओर से जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिकी रुख में बदलाव की मांग की गई है।
ग्लोबल सप्लाई पर असर की आशंका
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में ठोस प्रगति नहीं होने और होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव की आशंका बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस मार्ग से तेल निर्यात में भी गिरावट आई है, जिससे बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है।
बाजार की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आगे होने वाली कूटनीतिक बातचीत पर टिकी है। यदि तनाव लंबा खिंचता है, तो इससे कच्चे तेल की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।



