छत्तीसगढ़ के लोक पर्व ‘हरेली’ की खुशियों के बीच बिलासपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। मोपका चौकी क्षेत्र के चिल्हाटी गांव में हरेली पर्व पर घर में पकाने के लिए लाए गए मुर्गे के आकार (साइज) को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक भाई ने गुस्से में आकर अपने ही सगे छोटे भाई पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चिल्हाटी गांव निवासी गौतम धनवार और उसका छोटा भाई रुपेश धनवार, दोनों आगामी हरेली पर्व की तैयारी में जुटे थे और त्योहार मनाने के लिए घर में मुर्गा लेकर आए थे।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब छोटे भाई रुपेश का मुर्गा आकार में बड़ा निकला। इस बात पर गौतम के परिवार में भी बड़े आकार का मुर्गा लाने की चर्चा शुरू हुई। बस इसी छोटी सी बात को लेकर बड़ा भाई गौतम आगबबूला हो गया और उसने रुपेश से बहस करना शुरू कर दिया।
देखते ही देखते बढ़ा विवाद, हुआ खूनी हमला
बहस इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। गुस्से में अंधी हो चुके गौतम ने आपा खो दिया और एक धारदार हथियार (चाकू) से रुपेश पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में रुपेश गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
अस्पताल में भर्ती और पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बिना देर किए घायल रुपेश को तत्काल सिम्स (SIMS) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही मोपका चौकी पुलिस तुरंत हरकत में आई और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपी बड़े भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और हमले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। पर्व के दिन हुई इस हिंसक घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।



