सस्ता IPO, बड़े मुनाफे की चर्चा: GMP ने बढ़ाई 53 रुपये वाले Hy-Tech Engineers IPO की हलचल

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शेयर बाजार में IPO के जरिए निवेश करने वाले लोगों के लिए अगस्त के आखिरी सप्ताह में एक नया मौका आने वाला है। Hy-Tech Engineers IPO को लेकर बाजार में चर्चा तेज है। कंपनी का आईपीओ 24 अगस्त 2026 को खुलने जा रहा है और इसके लिए प्राइस बैंड 50 से 53 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। वहीं, ग्रे मार्केट में सकारात्मक संकेत मिलने से निवेशकों की नजर इस इश्यू पर बनी हुई है।

GMP करीब 22 रुपये, 75 रुपये तक लिस्टिंग का अनुमान

Hy-Tech Engineers IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल करीब 22 रुपये बताया जा रहा है। अगर मौजूदा GMP और इश्यू प्राइस के आधार पर अनुमान लगाया जाए, तो 53 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब 75 रुपये के आसपास हो सकती है।

इस हिसाब से निवेशकों को लगभग 40 प्रतिशत से अधिक संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि, यह सिर्फ अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की स्थिति, IPO सब्सक्रिप्शन और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी।

135.73 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी

कंपनी IPO के जरिए करीब 135.73 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में करीब 60 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और लगभग 1.42 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है।

रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 283 शेयर रखा गया है। 53 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए करीब 14,999 रुपये की जरूरत होगी।

कब खुलेगा IPO और कब होगी लिस्टिंग?

Hy-Tech Engineers IPO में निवेशक 24 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक बोली लगा सकेंगे। शेयरों का अलॉटमेंट 28 अगस्त को होने की उम्मीद है, जबकि कंपनी के शेयर 1 सितंबर 2026 को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए इस आईपीओ में न्यूनतम लॉट साइज 283 शेयरों का रखा गया है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए करीब 14,999 रुपये का निवेश करना होगा।

क्या करती है Hy-Tech Engineers?

Hy-Tech Engineers की स्थापना 1978 में हुई थी। कंपनी हाइड्रोलिक फिटिंग्स और इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स के निर्माण से जुड़ी है। इसके उत्पादों का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण, कंस्ट्रक्शन मशीनरी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है।

सिर्फ GMP देखकर निवेश करना कितना सही?

IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए GMP एक अहम संकेत हो सकता है, लेकिन सिर्फ ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। GMP आधिकारिक शेयर बाजार का भाव नहीं है और इसमें कभी भी बदलाव हो सकता है।

निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, वैल्यूएशन, भविष्य की संभावनाएं और जोखिमों का अध्ययन करना जरूरी है। बाजार की परिस्थितियां बदलने पर मजबूत GMP के बावजूद शेयर की लिस्टिंग उम्मीद से कमजोर हो सकती है।

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