खैरागढ़। ग्राम पंचायत कुकुरमुड़ा में रविवार को एक जर्जर पंचायत भवन अचानक भरभराकर धराशायी हो गया। हादसे के वक्त भवन के अंदर सरपंच और सचिव मौजूद थे। भवन का एक हिस्सा गिरते ही दोनों ने खतरा भांप लिया और तुरंत बाहर निकल आए। उनके बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद पूरा भवन मलबे में तब्दील हो गया। राहत की बात रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
वर्षों से जर्जर था पंचायत भवन
जानकारी के मुताबिक पंचायत भवन का निर्माण वर्ष 2008 में कराया गया था। लंबे समय से भवन की हालत खराब थी और ग्रामीण लगातार नए पंचायत भवन की मांग कर रहे थे। जर्जर स्थिति के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण पंचायत के एक हिस्से का इस्तेमाल किया जा रहा था।
हादसे के बाद पंचायत भवन के अंदर रखा महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और पंचायत रिकॉर्ड मलबे में दब गया है। इससे पंचायत के नियमित कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बाल-बाल बचे सरपंच और सचिव
हादसे के समय सरपंच और सचिव भवन के अंदर मौजूद थे। जैसे ही भवन का हिस्सा गिरना शुरू हुआ, उन्होंने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर बाद पूरा भवन ढह गया।
अगर दोनों समय रहते बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया
जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि पंचायत भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण पंचायत के आधे हिस्से का उपयोग किया जा रहा था।
अधिकारी के अनुसार, नए पंचायत भवन के निर्माण का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा जा चुका है। इसके अलावा बारिश के बाद DMF फंड से सामुदायिक भवन का निर्माण कराने की योजना भी है, जिससे पंचायत के कामकाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध हो सके।
ग्रामीणों ने की जल्द व्यवस्था की मांग
पंचायत भवन गिरने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और नए पंचायत भवन का निर्माण कराने की मांग की है। फिलहाल मलबे में दबे सरकारी दस्तावेजों को सुरक्षित निकालना भी पंचायत प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।



