बिलासपुर। साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक 68 वर्षीय सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक को निशाना बनाकर करीब 35 लाख रुपये ठगने की कोशिश की। आरोपी ने खुद को IPS अधिकारी बताकर बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दी। हालांकि, समय रहते पुलिस को सूचना मिलने के कारण ठगी की कोशिश नाकाम हो गई और बुजुर्ग की करीब 35 लाख रुपये की रकम सुरक्षित बच गई।
फर्जी IPS अधिकारी बनकर किया वीडियो कॉल
जानकारी के मुताबिक, साइबर ठग ने बुजुर्ग से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया और खुद को IPS अधिकारी सुनील कुमार गौतम बताया। आरोपी ने बुजुर्ग को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसने का डर दिखाया और गिरफ्तारी की धमकी देकर लगातार मानसिक दबाव बनाया।
ठगों ने बुजुर्ग को लंबे समय तक वीडियो कॉल पर बनाए रखा और उन्हें यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है।
अलग-अलग खातों की रकम एक खाते में कराई ट्रांसफर
पुलिस के अनुसार, ठगों के निर्देश पर बुजुर्ग ने अपने अलग-अलग बैंक खातों में जमा रकम को एक खाते में ट्रांसफर कर दिया। इस खाते में करीब 35 लाख रुपये जमा हो गए थे।
इसके बाद साइबर ठग पूरी रकम को दूसरे खाते में ट्रांसफर कर निकालने की तैयारी में थे। इसी बीच बुजुर्ग के एक मित्र को पूरे मामले पर संदेह हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
दोस्त ने SSP को दी सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। सरकंडा थाना प्रभारी और उनकी टीम तत्काल वरिष्ठ नागरिक के पास पहुंची और उन्हें साइबर ठगों के चंगुल से बाहर निकाला।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वीडियो कॉल के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर पहले से ही फ्रॉड गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। समय रहते पुलिस की कार्रवाई होने से करीब 35 लाख रुपये की रकम ठगों के हाथ लगने से बच गई।
NCCRP पोर्टल पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट NCCRP पोर्टल पर दर्ज कर दी है। साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस कॉलिंग नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
बिलासपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति फोन या वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस, IPS अधिकारी या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डराता है और पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहता है, तो घबराएं नहीं।
पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और तत्काल पुलिस को सूचना दें। साइबर ठगी के मामलों में समय पर सूचना देने से बड़ी आर्थिक क्षति को रोका जा सकता है।



