कुरूद। सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बाद कुरूद विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि स्कूलों की समस्याओं को सामने लाना जरूरी है, लेकिन निरीक्षण को राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर पेश करना उचित नहीं है।
भाजपा शहर प्रभारी भोजराज चंद्राकर ने कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक अजय चंद्राकर के कार्यकाल में शिक्षा और विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों के प्रमाण आज भी जमीन पर दिखाई देते हैं।
‘स्कूल निरीक्षण को राजनीतिक उपलब्धि न बनाएं’
भोजराज चंद्राकर ने कहा कि सरकारी स्कूलों की कमियां सामने लाना गलत नहीं है। यदि कहीं भवन, पेयजल, शौचालय या अन्य मूलभूत सुविधाओं की समस्या है, तो उसका समाधान होना चाहिए। हालांकि, वर्षों तक जनप्रतिनिधि रहने के बाद अचानक स्कूलों का निरीक्षण कर उसे राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश करना उचित नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं नीलम चंद्राकर, तारिणी चंद्राकर और मनीष साहू से सवाल किया कि उनके कार्यकाल में स्कूल भवनों की मरम्मत, पेयजल, शौचालय और दूसरी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए कितने आवेदन या प्रस्ताव दिए गए थे।
शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का गिनाया ब्यौरा
भोजराज चंद्राकर ने कहा कि विधायक अजय चंद्राकर के प्रयासों से कुरूद में शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं। उनके मुताबिक, शासकीय कन्या विद्यालय में जनभागीदारी से करीब एक करोड़ रुपये की लागत से कक्ष निर्माण कराया गया है।
इसके अलावा ब्यास स्कूल भवन और डिपो रोड के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुरूद में आईटीआई, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, अनुसंधान केंद्र, केंद्रीय विद्यालय, कृषि महाविद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय जैसी संस्थाओं का विस्तार भी क्षेत्र में शिक्षा के विकास को दर्शाता है।
‘रीलबाजी नहीं, तथ्यों की राजनीति करे कांग्रेस’
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विधायक अजय चंद्राकर को क्षेत्र की जनता विकास कार्यों के कारण पहचानती है। उन्होंने कहा कि विकास केवल भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
भोजराज चंद्राकर ने कांग्रेस नेताओं से ‘रीलबाजी और बयानबाजी छोड़कर तथ्यों की राजनीति’ करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूलों में यदि वास्तविक कमियां हैं तो उनका तत्काल निराकरण होना चाहिए, लेकिन बच्चों से जुड़ी समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।
फिलहाल स्कूलों की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान कुरूद की स्थानीय राजनीति में नया मुद्दा बन गया है और कांग्रेस-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।



