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सीरिया संकट: भारत ने 75 नागरिकों को सुरक्षित निकाला, तख्तापलट के बाद सैयदा जैनब मजार पर फंसे थे

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India evacuates 75 Nationals From Syria: सीरिया संकट के बीच भारत ने अपने 75 नागरिकों को सुरक्षित निकाला, जिनमें 44 मुस्लिम कश्मीरी जायरीन शामिल हैं। ये सभी सीरिया के सैयदा जैनब मजार पर जियारत करने गए थे और तख्तापलट के बाद वहीं फंस गए थे।

India evacuates 75 Nationals From Syria: सीरिया में विद्रोह के बाद पैदा हुए तनावपूर्ण हालात के बीच भारत ने मंगलवार (10 दिसंबर) को अपने 75 नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का यह मिशन दमिश्क और बेरूत में भारतीय दूतावासों की मदद से संभव हुई। अब इन सभी भारतीय नागरिकों को लेबनान के रास्ते भारत लाया जाएगा।

सैयदा जैनब मजार पर गए थे जायरीन
बता दें कि हाल ही में विद्रोही बलों ने सीरिया की बशर अल असद की सरकार का तख्तापलट कर दिया। जिसके बाद सीरिया में सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई। इस मिशन में जम्मू-कश्मीर के 44 मुस्लिम तीर्थयात्री भी शामिल थे। यह सभी भारतीय नागरिक सैयदा जैनब मजार पर जियारत, इबादत-सजदा करने गए थे। हालात बिगड़ने पर यहीं फंस गए थे।

लेबनान के रास्ते होगी सुरक्षित वतन वापसी
निकासी के बाद सभी भारतीय नागरिक लेबनान पहुंच चुके हैं। वहां से उन्हें कमर्शियल फ्लाइट के जरिए भारत लाया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। भारतीय दूतावासों ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कदम उठाए। जिन नागरिकों को सहायता की आवश्यकता है, उन्हें इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल के माध्यम से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।

विद्रोह के बाद सीरिया में बदले हालात
सीरिया में हाल ही में विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क सहित अन्य प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया। बशर अल असद की 14 साल की सत्ता का अंत हो गया, और वह अपने परिवार सहित रूस में शरण लेने चले गए। असद का शासन गृहयुद्ध और राजनीतिक दमन के लिए जाना जाता था। विद्रोह के बाद से सीरिया में अल्पसंख्यक शिया समुदाय के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।

तीर्थयात्रियों की सुरक्षित निकासी क्यों अहम?
सैयदा जैनब मजार शिया मुसलमानों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है। यह मजार दमिश्क में स्थित है, जहां दुनिया भर से शिया मुस्लिम आते हैं। विद्रोह के बाद सुन्नी बहुल सीरिया में इस मजार की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हिजबुल्लाह और अन्य शिया लड़ाके इस मजार की सुरक्षा में लगे हुए हैं। निकाले गए तीर्थयात्रियों में अधिकांश जम्मू-कश्मीर से थे, जो वहां इबादत-सजदा करने के लिए गए थे।

रंग लाई भारत की कूटनीतिक कोशिश
विदेश मंत्रालय ने सीरिया से भारतीयों को निकालने के लिए कूटनीतिक कोशिश की। दमिश्क और बेरूत में भारतीय दूतावासों ने समन्वय बनाया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सीरिया के संकटग्रस्त इलाकों में बचे हुए भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। भारत ने कहा कि मौजूदा समय में सीरिया के हालात पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

असद के शासन का अंत का क्या होगा असर?
बशर अल असद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। असद का शासन गृहयुद्ध और हिंसा से भरा था। विद्रोही सरकार के गठन के बाद शिया समुदाय और उनके धार्मिक स्थलों पर खतरे की आशंका बढ़ गई है। भारत ने इस स्थिति में अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। समय रहते सीरिया से सभी भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी की कोशिशें तेज कर दी गई है।

Alisha Rana

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