रायपुर। छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने समय-सीमा के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले 29 चयनित आबकारी आरक्षकों (Excise Constables) की नियुक्ति निरस्त कर दी है। आबकारी आयुक्त कार्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर जॉइनिंग करने के निर्देश दिए गए थे। समय-सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें अंतिम अवसर भी दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
200 पदों पर हुई थी भर्ती
आबकारी विभाग ने 23 अप्रैल 2026 को 200 आबकारी आरक्षकों के नियुक्ति एवं पदस्थापना आदेश जारी किए थे। इनमें से 29 अभ्यर्थियों ने तय समय में जॉइनिंग नहीं की। विभाग ने उन्हें अंतिम मौका देते हुए 9 जून 2026 तक कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति दी, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी वे उपस्थित नहीं हुए।
नियुक्ति पत्र में पहले से था स्पष्ट नियम
नियुक्ति आदेश में स्पष्ट उल्लेख था कि यदि अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उसकी नियुक्ति स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इसी नियम के तहत आबकारी आयुक्त ने 29 अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी किया।
इन जिलों में मिली थी पदस्थापना
चयनित अभ्यर्थियों की पदस्थापना रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, महासमुंद, राजनांदगांव, कबीरधाम, जशपुर, सरगुजा, बलरामपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित विभिन्न जिला आबकारी कार्यालयों, उपायुक्त कार्यालयों तथा संभागीय उड़नदस्ता इकाइयों में की गई थी।
अब कैसे भरे जाएंगे रिक्त पद?
भर्ती नियमों के अनुसार यदि चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति स्वीकार नहीं करता है, तो विभाग सबसे पहले प्रतीक्षा सूची (Waiting List) से पात्र अभ्यर्थियों को मौका दे सकता है, बशर्ते वेटिंग लिस्ट वैध हो। यदि वेटिंग लिस्ट उपलब्ध नहीं है या उसकी अवधि समाप्त हो चुकी है, तो रिक्त पदों को आगामी भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर नई भर्ती निकाली जाती है।
दोबारा दावा करना आसान नहीं
सामान्य भर्ती नियमों के अनुसार, नियुक्ति रद्द होने के बाद संबंधित अभ्यर्थी उसी पद पर दोबारा दावा नहीं कर सकता। केवल विशेष परिस्थितियों में शासन के आदेश या न्यायालय के निर्देश मिलने पर ही मामले पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
आखिर क्यों नहीं करते जॉइनिंग?
विशेषज्ञों का मानना है कि कई अभ्यर्थी एक साथ कई प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हो जाते हैं। बेहतर वेतन, उच्च पद या पसंदीदा विभाग मिलने पर वे पहले से चयनित पद पर जॉइनिंग नहीं करते। हालांकि, 200 में से 29 अभ्यर्थियों का कार्यभार ग्रहण नहीं करना सामान्य स्थिति नहीं माना जा रहा है और इसे विभाग के लिए भी एक महत्वपूर्ण मामला माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण बातें
- 200 आबकारी आरक्षकों का चयन हुआ था।
- 29 अभ्यर्थियों ने निर्धारित समय में जॉइनिंग नहीं की।
- अंतिम अवसर देने के बाद भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
- आबकारी आयुक्त ने सभी 29 की नियुक्ति निरस्त कर दी।
- रिक्त पद भर्ती नियमों के अनुसार वेटिंग लिस्ट या अगली भर्ती प्रक्रिया से भरे जाएंगे।





