आरंग: छत्तीसगढ़ के आरंग नगर पालिका परिषद में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नगर में कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 10 पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की मांग की है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर वे नगर पालिका परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के नीचे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
सत्ताधारी दल के पार्षदों ने खोला मोर्चा
खास बात यह है कि नगर पालिका परिषद में भाजपा की ही सत्ता है, लेकिन उसी पार्टी के पार्षद अब नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। पार्षदों के इस कदम ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दिए पत्र में कहा है कि नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को लेकर वे कई बार लिखित शिकायतें दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उनका आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता के कारण अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
भाजपा पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन को स्पष्ट रूप से एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस अवधि के भीतर सभी शिकायतों की नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाए और उसकी जानकारी पार्षद दल को उपलब्ध कराई जाए।
यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होती है, तो सभी पार्षद नगर पालिका परिषद परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के नीचे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
नगर की राजनीति में बढ़ी हलचल
आमतौर पर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ विपक्ष आंदोलन करता है, लेकिन इस मामले में सत्ताधारी दल के पार्षदों का ही विरोध प्रदर्शन की चेतावनी देना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर नगर पालिका प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।



