बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को पकड़ा है। मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के पत्थर खदान भाठा इलाके का है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 16 लीटर अवैध शराब बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों में एक वयस्क और एक अपचारी बालक शामिल है।
पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने की कार्रवाई
एएसपी पंकज पटेल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को क्षेत्र में अवैध गतिविधि की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
जांच के दौरान पुलिस ने राजन यादव और एक अपचारी बालक को पकड़ा। दोनों के कब्जे से कुल 16 लीटर अवैध शराब बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की।
अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का दावा
एएसपी पंकज पटेल ने कहा कि जिले में कहीं भी अवैध या अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच और कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिल्हा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर नियंत्रण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से आबकारी विभाग की है। ऐसे में सवाल यह है कि पुलिस कार्रवाई से पहले संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी हो रही है कि यदि अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा था, तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। हालांकि, आबकारी विभाग की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
बिलासपुर जिले में अवैध शराब समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। पुलिस की ताजा कार्रवाई ने एक ओर जहां अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई को सामने रखा है, वहीं दूसरी ओर संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।



