कूचबिहार (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता उदयन गुहा को पुलिस द्वारा कूचबिहार अदालत में पेशी के लिए लाया गया। कोर्ट परिसर में उनकी मौजूदगी के दौरान भारी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अदालत परिसर के बाहर पहले से मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उदयन गुहा के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा अंडे, जूते और कीचड़ जैसी वस्तुएं फेंके जाने की भी खबर सामने आई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व मंत्री को अदालत कक्ष तक पहुंचाया।
उदयन गुहा को बुधवार को कोलकाता के फूलबागान क्षेत्र से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद से राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ कई मामलों की जांच चल रही है, जिनमें कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य शिकायतों से जुड़े आरोप शामिल हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मामले से जुड़े आरोपों में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित कथित अनियमितताएं, स्थानीय स्तर पर धन संग्रह को लेकर शिकायतें तथा कुछ पुराने मामलों की जांच भी शामिल बताई जा रही है। जांच एजेंसियां इन सभी बिंदुओं पर दस्तावेज और साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। राज्य सरकार से जुड़े नेताओं ने कार्रवाई को कानून के अनुसार बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सरकार समर्थक नेताओं का दावा है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी आरोपी को जांच से छूट नहीं मिलनी चाहिए।
कोर्ट परिसर के बाहर देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगामी कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





