अंबिकापुर। सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में करीब 10 महीने पहले हुए दंपती हत्याकांड में अदालत ने दो आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है। मामला बकरी चोरी के लिए दंपती की हत्या से जुड़ा है।
रात में शरण मांगकर घर में घुसे थे आरोपित
घटना 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात की है। ग्राम कुम्हरता घाघी निवासी किसान रीमा लकड़ा (55) और उनकी पत्नी जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला (50) घर में अकेले रहते थे। दंपती ने बकरियां पाल रखी थीं और उनकी कोई संतान नहीं थी।
बताया गया कि रात करीब 11 बजे करीमन मझवार (42) और जय श्याम मझवार (28) दंपती के घर पहुंचे। दोनों ने रात में रुकने के लिए शरण मांगी, जिस पर दंपती ने उन्हें घर में ठहरने की अनुमति दे दी।
आरोप है कि रात में दोनों ने घर में रखी कुल्हाड़ी से सो रहे दंपती के सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों घर से सात बकरियां लेकर फरार हो गए।
अगले दिन सामने आया हत्याकांड
23 अक्टूबर की सुबह एक ग्रामीण दंपती को बुलाने उनके घर पहुंचा। दरवाजा बाहर से बंद मिला। अंदर झांकने पर परछी में दंपती के खून से लथपथ शव दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस और मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना से एक दिन पहले एक बैगा अपने साथी करीमन मझवार के साथ रीमा लकड़ा के घर आया था। इसी दौरान करीमन को घर में बकरियां होने की जानकारी मिली थी। पुलिस के अनुसार, इसके बाद करीमन ने जय श्याम के साथ मिलकर हत्या और बकरी चोरी की साजिश रची।
बकरियां लेकर फरार हुए, एक बकरा काटकर खाया
हत्या के बाद दोनों आरोपित सात बकरियों को लेकर ग्राम कुम्हरता के शंकर मझवार के घर पहुंचे थे। वहां एक बकरे को काटकर खाने और बाकी मांस को आसपास के गांवों में बेचने की बात जांच में सामने आई।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद 14 दिसंबर 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
16 गवाह और 46 साक्ष्यों के आधार पर फैसला
द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुमित कुमार सोनी की अदालत में अभियोजन पक्ष ने 16 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और 46 आर्टिकल साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने करीमन मझवार और जय श्याम मझवार को दोषी ठहराया।
दोनों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अदालत ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा भी की है।
पुलिस टीम को मिलेगा पारितोषिक
सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा ने मामले की विवेचना करने वाले तत्कालीन दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो और जांच में सहयोग करने वाले दरिमा थाना स्टाफ के उत्साहवर्धन के लिए उचित पारितोषिक देने की घोषणा की है।
करीब 10 महीने पुराने इस हत्याकांड में अदालत का फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।



