सूरत। निवेश के नाम पर 1.52 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में सूरत साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के कथित मास्टरमाइंड रियाज उर्फ शोएब मिर्जा (32) को देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी साइबर ठगी से हासिल रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खातों की व्यवस्था करता था। सूरत साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने तकनीकी जांच और मिले सुरागों के आधार पर आरोपी का पता लगाया और खंभालिया स्थित उसके नए ठिकाने से उसे गिरफ्तार कर लिया।
बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करने का आरोप
जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि रियाज साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। आरोप है कि वह ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। इन खातों के जरिए साइबर फ्रॉड से हासिल रकम को आगे भेजा जाता था।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा सके।
खंभालिया से हुई गिरफ्तारी
आरोपी की तलाश में सूरत से पुलिस की एक विशेष टीम देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया पहुंची। पुलिस ने आरोपी के नए पते की पहचान करने के बाद वहां दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने बैंक खातों की व्यवस्था की थी और इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितनी रकम का लेन-देन किया गया।
साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जांच जारी
1.52 करोड़ रुपये की ठगी के इस मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस साइबर फ्रॉड से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही संदिग्ध बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।



