दुर्ग। साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक अकाउंट के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना सुपेला पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़ी रकम अपने खातों में प्राप्त करने और उसे आगे ट्रांसफर करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर सुपेला थाना क्षेत्र से जुड़े कुछ बैंक खातों की जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि कुछ खातों में देश के अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम जमा हुई थी।
इसके बाद पुलिस ने संबंधित बैंक खातों, खाताधारकों और उनके लेनदेन की जानकारी जुटाई। बैंक रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर संदिग्ध खाताधारकों की पहचान की गई।
पूछताछ के बाद दो आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन कुमार राय (24 वर्ष), निवासी चन्द्रनगर, उमरपोटी, थाना उतई, जिला दुर्ग और डोमेन्द्र कुमार सिन्हा (38 वर्ष), निवासी चिंगरी पारा, पांच रास्ता, वार्ड क्रमांक 6, सुपेला, जिला दुर्ग के रूप में हुई है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 679/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक समेत अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
साइबर ठगी की रकम को दूसरे खातों में किया जा रहा था ट्रांसफर
पुलिस जांच में प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को हासिल करने के लिए किया गया। रकम खाते में आने के बाद उसे अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का संपर्क किन साइबर ठगों से था, उनके खातों में कितनी रकम का लेनदेन हुआ और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पहले 19 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब दो और गिरफ्तारियों के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 21 हो गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए जांच लगातार जारी है।
दुर्ग पुलिस की लोगों से अपील
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक अकाउंट, ATM, UPI या अन्य डिजिटल भुगतान माध्यम किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। किसी दूसरे व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में संदिग्ध रकम जमा करवाना या उसे आगे ट्रांसफर करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।



