मुंबई:
लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता (Climate Activist) सोनम वांगचुक का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।
अब इस आंदोलन को बॉलीवुड का भी बड़ा समर्थन मिला है। बेहतरीन अभिनय के लिए जाने जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने 16 जुलाई को सोनम वांगचुक के समर्थन में एक दिन की भूख हड़ताल की।
कुलकर्णी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह लद्दाख के संवेदनशील मुद्दों को हल करने के लिए एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के साथ तुरंत सार्थक बातचीत शुरू करे।
“लोकतंत्र के लिए सहानुभूति सबसे जरूरी”
अपने इस सांकेतिक उपवास के दौरान अतुल कुलकर्णी ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा:
“लोकतंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहानुभूति (Empathy) सबसे ज़रूरी तत्व है। मेरा यह उपवास सोनम वांगचुक के चल रहे विरोध-प्रदर्शन के प्रति एकजुटता दिखाने और सरकार व एक्टिविस्ट के बीच एक सार्थक बातचीत को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया एक सांकेतिक कदम है।”
क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक और लद्दाख के लोग पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- छठी अनुसूची : लद्दाख के पर्यावरण, ज़मीन और स्थानीय जनजातीय संस्कृति को बचाने के लिए इसे भारतीय संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए।
- पूर्ण राज्य का दर्जा: लद्दाख को एक केंद्र शासित प्रदेश (UT) से अपग्रेड कर पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए।
- पर्यावरण संरक्षण: लद्दाख के ग्लेशियरों और संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को अनियंत्रित औद्योगिक विकास से सुरक्षित रखा जाए।
सोशल मीडिया पर मिली सराहना
अतुल कुलकर्णी के इस कदम की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जहां बड़े-बड़े सेलिब्रिटी अक्सर गंभीर सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर चुप्पी साधे रहते हैं, वहीं कुलकर्णी ने सामने आकर एक सच्चे नागरिक का फर्ज निभाया है। उनके इस अनशन से वांगचुक के ‘क्लाइमेट फास्ट’ आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई धार मिलने की उम्मीद है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi





