छुईखदान। केसीजी जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र में सोना-चांदी की दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और चोरी में इस्तेमाल होंडा एक्टिवा समेत करीब 44 लाख 75 हजार रुपये का सामान बरामद किया गया है।
शटर तोड़कर ज्वेलरी दुकान में घुसे थे चोर
मामला 14 अगस्त 2026 की सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच का है। छुईखदान के जैन मोहल्ला निवासी 75 वर्षीय शांति लाल जैन की सोना-चांदी की दुकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया था।चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां रखे सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए। शिकायत के बाद छुईखदान पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV और तकनीकी जांच से मिली अहम सुराग
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनसे टीम नागपुर से जुड़े चोर गिरोह तक पहुंची।
पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने ज्वेलरी दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
नागपुर के दो आरोपी, स्थानीय युवक भी शामिल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेंद्र साहु (26) निवासी रामपुर नवागांव, थाना छुईखदान, अक्षय गुरूवे (21) और अनिकेत मेश्राम (25) निवासी धम्मदीप नगर, नागोवा मंदिर के पास, थाना यशोधरा, जिला नागपुर (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है।
21 किलो से ज्यादा चांदी और सोना बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महेंद्र साहु के कब्जे से करीब 21 किलो 800 ग्राम चांदी के आभूषण, करीब 3 ग्राम 600 मिलीग्राम सोना और 121 रुपये नकद बरामद किए गए।
वहीं, आरोपी अक्षय गुरूवे के पास से करीब 500 ग्राम चांदी के जेवरात और चोरी में इस्तेमाल सफेद रंग की होंडा एक्टिवा बरामद हुई। तीसरे आरोपी अनिकेत मेश्राम के कब्जे से भी करीब 500 ग्राम चांदी के आभूषण मिले।
पुलिस ने तीनों आरोपियों से कुल ₹44.75 लाख का सामान जब्त किया है।
अन्य वारदातों की भी जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में आरोपियों के नागपुर क्षेत्र से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
तीनों आरोपियों को 19 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया, जहां से उन्हें उपजेल सलोनी भेजा गया है।



