रांची: झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। सोमवार को रांची में अभ्यर्थियों ने ‘विधानसभा घेराव’ मार्च निकाला। JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। बताया गया कि वह पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे और इसी दौरान एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे।
परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में संबंधित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की CBI से जांच कराना शामिल है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
देवेंद्र नाथ महतो ने CM से की अपील
प्रदर्शन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुलिस कार्रवाई नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अपने अधिकारों और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
नौ दिन की भूख हड़ताल के बीच एंबुलेंस से विधानसभा घेराव मार्च में पहुंचना भी प्रदर्शन के दौरान चर्चा का विषय रहा।
मंत्री इरफान अंसारी ने दिया भरोसा
वहीं, मंत्री इरफान अंसारी ने प्रदर्शनकारी युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा।
JPSC और JSSC-CGL परीक्षा विवाद को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन अब राजनीतिक रूप भी लेता दिख रहा है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांगों और सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है।



