रायपुर। राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस और जिला प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रशासन ने कुख्यात महिला अपराधी मुस्कान रात्रे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे जिला बदर कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों में सुरक्षा का माहौल मजबूत करने में मदद मिलेगी।
- लंबे समय से पुलिस के रडार पर थी आरोपी
जानकारी के अनुसार मुस्कान रात्रे का नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ मारपीट, धमकी, अवैध शराब कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। स्थानीय स्तर पर उसकी गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें भी मिल रही थीं।
- तीन महीने तक सात जिलों में नहीं कर सकेगी प्रवेश
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत मुस्कान रात्रे को आगामी तीन माह तक रायपुर समेत सात जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिबंधित जिलों में रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद और बलौदाबाजार-भाटापारा शामिल हैं। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- आपराधिक नेटवर्क पर चोट की रणनीति
अधिकारियों का कहना है कि जिला बदर की कार्रवाई केवल एक व्यक्ति को क्षेत्र से दूर रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अपराध से जुड़े नेटवर्क को कमजोर करना भी है। पुलिस का मानना है कि आदतन अपराधियों पर निगरानी और सख्त कार्रवाई से आपराधिक गतिविधियों को रोकने में मदद मिलती है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुस्कान रात्रे के खिलाफ 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, अवैध गांजा तस्करी, मारपीट, धमकी और अवैध शराब कारोबार से जुड़े मामले शामिल हैं। इसी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए प्रशासन ने जिला बदर का फैसला लिया।
- अपराधियों को स्पष्ट संदेश
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य अपराध मुक्त और सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, ताकि आम नागरिक बिना किसी भय के अपना जीवन व्यतीत कर सकें





