तिरुवनंतपुरम, 1 जुलाई। केरल सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. आर. बिंदु ने कहा कि बार-बार होने वाली परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है तथा देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि लगातार पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। उन्होंने कहा कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर सफलता हासिल करने की उम्मीद रखने वाले लाखों छात्र ऐसी घटनाओं से मानसिक तनाव और असुरक्षा का सामना करते हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा करने तथा परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की मांग की। उनके अनुसार परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुधार, कड़ी निगरानी, जवाबदेही तय करने की व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मंत्री ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकारों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।




