नई दिल्ली। दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में क्रिकेटर देव चौधरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नई दिल्ली टाइगर्स की टीम में उनके चयन और प्लेइंग इलेवन में मौका दिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामला बढ़ने के बाद दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट्स क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) की चयन प्रक्रिया और उससे जुड़े नियम भी चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
स्थानीय क्रिकेट से जुड़े लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि देव चौधरी का चयन किस आधार पर हुआ और उन्हें DPL जैसे बड़े मंच पर खेलने का अवसर कैसे मिला। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है और चयन प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति DDCA की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट होगी।
DPL में दो मैच खेले, ऐसा रहा प्रदर्शन
देव चौधरी ने दिल्ली प्रीमियर लीग में ओपनर के तौर पर दो मुकाबले खेले। साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स के खिलाफ वह सिर्फ 2 गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हो गए।
इसके बाद वेस्ट दिल्ली लायंस के खिलाफ उन्होंने 24 गेंदों में 16 रन बनाए। इस मुकाबले में उनकी बल्लेबाजी का अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना। खासतौर पर पावरप्ले के दौरान स्पिन गेंदबाज के खिलाफ लगातार पांच गेंदों पर रन नहीं बना पाने को लेकर क्रिकेट फैंस ने सवाल उठाए।
बल्लेबाजी के वीडियो पर भी हुई चर्चा
वेस्ट दिल्ली लायंस के खिलाफ मुकाबले के दौरान देव चौधरी के बल्लेबाजी स्टांस और शॉट खेलने के तरीके से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल चर्चा में रहे। इसके बाद उनके प्रदर्शन के साथ-साथ टीम में चयन को लेकर भी बहस तेज हो गई।
हालांकि, केवल दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी की क्षमता या चयन की योग्यता पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। खिलाड़ी के चयन के पीछे टीम प्रबंधन और संबंधित क्रिकेट संस्था के मानदंड क्या रहे, यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट होना बाकी है।
DDCA की चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
देव चौधरी के मामले ने DPL में खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया को लेकर भी बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने के लिए कौन से मानदंड अपनाए जाते हैं और पूरी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है।
मामले के बीच DDCA से जुड़े एक नियम की समीक्षा की बात भी सामने आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संस्था की जांच के बाद क्या स्पष्टीकरण सामने आता है और चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
विराट कोहली के कोच का नाम भी चर्चा में
इस पूरे विवाद में विराट कोहली के कोच से जुड़े संदर्भों को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस संबंध में किसी व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। ऐसे में आधिकारिक जांच और DDCA के बयान का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल देव चौधरी के चयन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और सवाल सामने आ रहे हैं, लेकिन इनमें से सभी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए चयन प्रक्रिया में किसी अनियमितता का दावा फिलहाल पुष्ट तथ्य के तौर पर नहीं किया जा सकता।
अब देखना होगा कि DDCA की जांच और नियमों की समीक्षा के बाद क्या तस्वीर सामने आती है। आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि देव चौधरी का चयन किन मानदंडों के आधार पर किया गया था और इस विवाद पर संस्था का अंतिम रुख क्या है।



