बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से आस्था के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कैंसर से जूझ रहे पति को ठीक करने का दावा कर कथित ज्योतिषियों ने एक महिला से 13.13 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब लंबे समय तक इलाज का कोई असर नहीं हुआ और महिला ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उसे हत्या के मामले में फंसाने और सीबीआई जांच कराने की धमकी दे डाली। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धार्मिक विज्ञापन देखकर किया था संपर्क
मामला रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री का है। पीड़िता प्रेमलता चंद्राकर के पति ऋषि चंद्राकर स्टेज-4 कैंसर से पीड़ित हैं। पति की गंभीर बीमारी के बीच प्रेमलता ने एक धार्मिक टीवी चैनल पर प्रसारित कथित ‘लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था’ का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से गंभीर बीमारियों से मुक्ति का दावा किया गया था।उम्मीद के सहारे प्रेमलता ने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। आरोप है कि संस्था से जुड़े लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि विशेष अनुष्ठान कराने से उनके पति पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।
सोना गिरवी रखा, कर्ज लिया और भेज दिए लाखों रुपये
शुरुआत में आरोपियों ने छोटी-छोटी रकम ऑनलाइन जमा करवाई। इसके बाद अलग-अलग पूजा, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर लगातार पैसे मांगते रहे। पति की जान बचाने की उम्मीद में प्रेमलता ने अपना सोना गिरवी रखा, परिचितों से कर्ज लिया और परिवार की मदद से आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर करती रहीं।पुलिस के अनुसार, नवंबर 2024 से मई 2026 के बीच महिला ने अलग-अलग खातों में कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपये भेज दिए।
पैसे वापस मांगे तो मिली धमकी
जब पति की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ तो महिला ने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि कुछ समय बाद कथित वेद प्रकाश तिवारी के नाम से दोबारा फोन आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि संस्था के कुछ लोगों ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर ठगी की है और दो महीने में पूरी रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया।इसके बाद आरोपियों ने नया झांसा देते हुए कहा कि एक आरोपी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में महिला का नाम लिखा है। महिला का आरोप है कि उसे धमकी दी गई कि यदि उसने और पैसे नहीं दिए तो पुलिस उसके घर पहुंचेगी, सीबीआई जांच होगी और उसे हत्या के मामले में फंसा दिया जाएगा। इसी दौरान उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो भी व्हाट्सएप पर मंगवाए गए।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
आखिरकार खुद को ठगी का शिकार समझने के बाद प्रेमलता चंद्राकर ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन तथा अन्य दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।
आस्था के नाम पर ठगी से सावधान रहने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के नाम पर चमत्कारी दावों, ऑनलाइन विज्ञापनों और अंधविश्वास फैलाने वाले लोगों के झांसे में न आएं। किसी भी संस्था या व्यक्ति को बड़ी रकम देने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पूरी जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।





