नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से जारी कॉकरोज जस्टिस पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजीत दीपके की तबीयत अचानक बिगड़ गई। लगातार तेज बुखार और कमजोरी की शिकायत के बाद कराई गई मेडिकल जांच में उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक पूर्ण आराम करने की सलाह दी है।
जानकारी के अनुसार, CJP बीते पांच दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रही है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहे और कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते रहे। बताया जा रहा है कि खराब स्वास्थ्य के बावजूद उन्होंने आंदोलन से दूरी नहीं बनाई, जिसके कारण उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई।अस्पताल से जारी अपने संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें लगातार बुखार, थकान और कमजोरी महसूस हो रही थी। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य वायरल संक्रमण समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन जब स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो ब्लड टेस्ट कराया गया। जांच रिपोर्ट में टाइफाइड की पुष्टि होने के बाद डॉक्टरों ने तत्काल अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी।
दीपके ने कहा कि उनकी बीमारी आंदोलन को कमजोर नहीं करेगी। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव और जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने के लिए है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वस्थ होने के बाद वह फिर से आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होंगे।इस बीच पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर और प्रदर्शन स्थल पर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कई समर्थकों ने सोशल मीडिया पर भी उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए आंदोलन के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद अभिजीत दीपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि आंदोलन इसी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा तो केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ेगा और उनकी प्रमुख मांगों पर विचार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है और जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।दीपके ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने का अधिकार है और उनका आंदोलन पूरी तरह संविधान और कानून के दायरे में रहकर चलाया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील भी की।
फास्ट ट्रैक कोर्ट पर CJP का सवाल
इस बीच प्रधानमंत्री की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में मूलभूत सुधार नहीं किए गए, जवाबदेही तय नहीं हुई और पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिला, तो ऐसी घोषणाएं केवल अस्थायी कदम साबित होंगी।रंका ने कहा कि सरकार को न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी ठोस सुधार करने होंगे। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो।
नेताओं की अनुपस्थिति में भी आंदोलन जारी
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि अध्यक्ष के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद आंदोलन को रोका नहीं जाएगा। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रदेश इकाइयों के प्रतिनिधि और स्वयंसेवक धरना स्थल पर मौजूद रहकर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। CJP का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों युवाओं और आम नागरिकों की आवाज है, इसलिए नेतृत्व में अस्थायी बदलाव से आंदोलन की दिशा या उद्देश्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा।जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगा रहे हैं। पार्टी का दावा है कि देश के विभिन्न राज्यों से भी लोगों का समर्थन मिल रहा है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
इलाज जारी, स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की नजर
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अभिजीत दीपके की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उन्हें दवाइयों के साथ आवश्यक चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। डॉक्टर नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं और फिलहाल कुछ दिनों तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने की सलाह दी गई है।हालांकि, पार्टी नेताओं का कहना है कि जैसे ही डॉक्टर उन्हें अनुमति देंगे, अभिजीत दीपके एक बार फिर आंदोलन का नेतृत्व करते नजर आएंगे। फिलहाल CJP ने साफ कर दिया है कि आंदोलन अपनी तय रणनीति के अनुसार जारी रहेगा और सरकार से मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।





