भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले तीन दिनों से मूंग खरीद, ई-टोकन व्यवस्था और अन्य कृषि संबंधी मांगों को लेकर जारी किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। मंत्रालय में सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनने के बाद किसानों ने अपना धरना-प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान कर दिया।
बैठक के दौरान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग की कुल उपज का 60 प्रतिशत खरीदा जाएगा। यह फैसला किसानों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों में शामिल था। सरकार के इस निर्णय का किसान संगठनों ने स्वागत किया और इसे सकारात्मक पहल बताया।
सरकार ने किसानों की एक और अहम मांग स्वीकार करते हुए ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। किसानों का कहना था कि ई-टोकन प्रणाली के कारण खरीद केंद्रों पर पंजीकरण और उपज बेचने की प्रक्रिया में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सरकार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है।
मंत्रालय में आयोजित बैठक में मंत्रियों के समूह और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने भरोसा दिलाया कि किसानों की अन्य लंबित मांगों पर भी जल्द चरणबद्ध तरीके से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
सरकार की घोषणाओं के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की और उम्मीद जताई कि अब मूंग खरीद प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी, सरल और व्यवस्थित तरीके से संचालित होगी। इस समझौते को प्रदेश के हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है और इससे खरीफ सीजन के दौरान मूंग खरीद व्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।





