नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। एक दशक से ज्यादा लंबे शानदार करियर के बाद रहाणे ने भावुक संदेश के साथ क्रिकेट को अलविदा कहा और इसे अपने सफर का सही समय बताया।
रहाणे ने अपने वीडियो संदेश में कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की एक शुरुआत होती है और एक अंत भी। जब वह समय आता है तो उसका सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। आज मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का यही सही समय है।”
उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा, “कैप नंबर 278, अब विदा लेता हूं।”
टेस्ट क्रिकेट में बनाई अलग पहचान
अजिंक्य रहाणे ने 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से भारत के लिए डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी जगह बनाई। हालांकि टेस्ट टीम में स्थान बनाने के लिए उन्हें कुछ समय इंतजार करना पड़ा।
2013 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान दिल्ली टेस्ट में उन्हें टेस्ट कैप मिली। शुरुआत भले ही आसान नहीं रही, लेकिन आने वाले वर्षों में रहाणे भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2,962 रन और 20 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 375 रन बनाए।
गाबा की ऐतिहासिक जीत में निभाई थी अहम भूमिका
अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे यादगार पल साल 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। विराट कोहली की अनुपस्थिति में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दिलाई।
एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम के 36 रन पर सिमटने के बाद रहाणे ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) टेस्ट में शानदार शतक लगाकर टीम को जीत दिलाई। इसके बाद भारत ने गाबा टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का 32 साल पुराना अजेय रिकॉर्ड खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
क्रिकेट जगत ने दी शानदार करियर के लिए बधाई
रहाणे के संन्यास के बाद क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उनकी जमकर तारीफ की। पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने उनके शांत स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और टीम के प्रति समर्पण को याद किया।
क्रिकेट कमेंटेटर हर्ष भोगले ने उन्हें एक जुझारू, वफादार और बेहतरीन टीम खिलाड़ी बताते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट को रहाणे जैसे व्यक्तित्व की हमेशा जरूरत रहेगी।
क्रिकेट से रिश्ता रहेगा जारी
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने कहा कि भले ही एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में उनका सफर समाप्त हो रहा है, लेकिन खेल से उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा। उन्होंने अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों की मदद करने और क्रिकेट से मिले मूल्यों को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।
अजिंक्य रहाणे का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में दर्ज रहेगा, जिसने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य, नेतृत्व और शानदार प्रदर्शन से टीम को कई यादगार जीत दिलाईं।





