सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र से शादी के बाद कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश निवासी रामकली बाई ने पुलिस अधीक्षक सरगुजा को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उनके बेटे की शादी के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन के घर से चले जाने और करीब 2.50 लाख रुपये नकद व जेवरात लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
23 मई को हुई थी शादी
शिकायत के मुताबिक, रामकली बाई के बेटे तुलसीदास लोधी का विवाह 23 मई 2026 को जमगला निवासी एक युवती के साथ हुआ था। बताया गया है कि इस विवाह को कराने में जमगला निवासी दो मध्यस्थों की भूमिका थी।
परिजनों का आरोप है कि शादी के दौरान दूल्हे पक्ष से 1 लाख रुपये नकद और करीब 1 लाख रुपये के जेवरात लिए गए थे। विवाह के बाद दुल्हन करीब तीन दिन तक ससुराल में रही।
चौथे दिन अचानक घर से हुई गायब
ससुराल पक्ष के अनुसार, शादी के चौथे दिन रात में दुल्हन शौचालय जाने की बात कहकर घर से बाहर निकली, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। परिजनों को संदेह है कि कुछ लोग उसे वहां से लेकर गए।
दुल्हन के अचानक गायब होने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। जब ससुराल पक्ष के लोग उसे वापस लाने के लिए संबंधित लोगों के पास पहुंचे तो कथित तौर पर उनसे 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई।
परिवार ने लगाया सुनियोजित ठगी का आरोप
पीड़ित पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को कथित तौर पर सुनियोजित ठगी बताते हुए आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि शादी के नाम पर उनसे रकम और जेवरात लिए गए और कुछ ही दिनों बाद दुल्हन के चले जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
लखनपुर थाने में आवेदन के बाद SP से शिकायत
शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, 6 अगस्त 2026 को लखनपुर थाने में आवेदन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने और कथित तौर पर ली गई रकम व जेवरात वापस दिलाने की मांग की गई है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, शादी में शामिल मध्यस्थों और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर सकती है। जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि मामला वास्तव में धोखाधड़ी का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।



