जम्मू: जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी। सुरक्षा के मद्देनजर जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से किसी भी नए जत्थे को कश्मीर घाटी की ओर रवाना होने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, मौसम की स्थिति और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति की समीक्षा के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
मौसम बिगड़ने पर लिया गया फैसला
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के कारण भूस्खलन और अन्य जोखिमों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू से घाटी तक श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग महत्वपूर्ण मार्ग है। इसलिए यात्रा बहाल करने से पहले मौसम के साथ-साथ हाईवे की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
4.75 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा में अब तक 4.75 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के बीच प्रशासन लगातार मौसम और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहा है।
फिलहाल केवल बालटाल रूट से यात्रा
फिलहाल दक्षिण कश्मीर के पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप से यात्रा संचालित नहीं हो रही है। ट्रैक पर रखरखाव कार्य के चलते यह मार्ग बंद है। ऐसे में श्रद्धालु फिलहाल गांदरबल जिले के बालटाल बेस कैंप से अमरनाथ गुफा की ओर यात्रा कर रहे हैं।
अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर समाप्त होगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता खराब मौसम के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



