कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से मानव तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। बांदे थाना क्षेत्र की एक महिला को काम दिलाने का झांसा देकर मध्यप्रदेश ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसे 50 हजार रुपये में दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया गया और उसकी शादी करा दी गई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, महिला के लापता होने की शिकायत 9 अप्रैल 2026 को बांदे थाने में दर्ज कराई गई थी। बताया गया था कि महिला 20 मार्च 2026 को बिना किसी को बताए घर से चली गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को महिला के मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 5 अगस्त 2026 को मध्यप्रदेश पहुंचकर महिला को बरामद किया। इसके बाद 7 अगस्त को उसे सुरक्षित बांदे लाया गया।
काम का झांसा देकर MP ले जाने का आरोप
पुलिस की पूछताछ में महिला ने बताया कि अनिता पवार और जमना लाल भील ने उसे काम दिलाने की बात कहकर अपने साथ मध्यप्रदेश ले गए थे। आरोप है कि वहां महिला को जितेंद्र राठौर के पास 50 हजार रुपये में सौंप दिया गया।
महिला के अनुसार, इसके बाद उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करा दी गई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में अनिता पवार, जमना लाल भील और जितेंद्र राठौर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला को मध्यप्रदेश ले जाने और सौदेबाजी में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई के बाद महिला को बरामद कर उसके परिजनों तक पहुंचाया गया है। मामले ने एक बार फिर रोजगार के नाम पर महिलाओं को दूसरे राज्यों में ले जाने और उनके शोषण के खतरे को सामने ला दिया है।



