कबीरधाम में नकली नोटों का बड़ा खेल उजागर, 3.75 लाख की उधारी चुकाने पहुंचे तो थमा दिए 4.50 लाख के जाली नोट; 3 गिरफ्तार

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कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। 3.75 लाख रुपये की उधारी चुकाने के बहाने 4.50 लाख रुपये के नकली नोट देने का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में नकली करेंसी तैयार करने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ।

पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 12.50 लाख रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और एक टाटा पंच ईवी जब्त की गई है। मामले का खुलासा मंगलवार को कवर्धा स्थित एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने किया।

उधारी लौटाने के नाम पर दिए नकली नोट

पुलिस के मुताबिक, ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव ने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3.75 लाख रुपये उधार दिए थे। रकम वापस करने को लेकर दोनों के बीच एग्रीमेंट भी हुआ था।

जब दिनेश ने उधारी की रकम वापस मांगी तो घुरवा राम ने सतीश कुमार के माध्यम से पैसे भेजने की बात कही। इसके बाद 9 अगस्त की रात दिनेश को पोंडी शराब भट्ठी के पास बुलाया गया।

दिनेश अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ वहां पहुंचा। कुछ देर बाद सतीश कुमार अपने एक साथी के साथ काले रंग का बैग लेकर वहां पहुंचा। बैग में 500-500 रुपये के नोट रखे थे। रकम की जांच के दौरान दिनेश को नोटों पर संदेह हुआ। जांच करने पर पता चला कि बैग में मौजूद करीब 4.50 लाख रुपये के नोट नकली थे।

इसके बाद दिनेश ने 10 अगस्त को पोंडी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई।

पूछताछ में खुला नकली नोट छापने का नेटवर्क

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सतीश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान पुलिस को नकली नोट तैयार करने वाले पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली।

सतीश की निशानदेही पर पुलिस ने तालपुर निवासी रामप्रसाद उर्फ रमऊ और कान्हाभैरा निवासी घुरवा राम को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी जुलाई 2026 से कवर्धा के नए बस स्टैंड के पास एक किराए के कमरे में नकली नोट तैयार कर रहे थे। इसके लिए कलर प्रिंटर का इस्तेमाल किया जा रहा था।

प्रिंटर खरीदकर किराए के कमरे में छाप रहे थे जाली करेंसी

जांच में पुलिस को पता चला कि 13 जुलाई को रामप्रसाद और सतीश ने कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद रामप्रसाद ने नया बस स्टैंड क्षेत्र में कमरा किराए पर लिया। पुलिस के मुताबिक, इसी कमरे में रामप्रसाद और घुरवा राम मिलकर नकली नोट तैयार करते थे।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितनी मात्रा में नकली नोट तैयार किए और अब तक कितने नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं।

आरोपियों से नकली नोट समेत कई सामान जब्त

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग मात्रा में नकली नोट बरामद किए गए।

सतीश कुमार: 2 लाख रुपये के नकली नोट
रामप्रसाद उर्फ रमऊ: 4.50 लाख रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और टाटा पंच ईवी
घुरवा राम: 1.50 लाख रुपये के नकली नोट
पुलिस के अनुसार, मामले में कुल 12.50 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई है।

बाजार में खपाने की थी तैयारी

पुलिस को आशंका है कि आरोपी नकली नोट तैयार करने के बाद उन्हें अलग-अलग माध्यमों से बाजार में चलाने की तैयारी में थे। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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